इसी माह राममंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष बनेंगे नृत्यगोपाल दास

 


मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि तीन माह में अयोध्या स्थिति श्रीरामजन्मभूमि पर विराजमान भगवान रामलला का भव्य मंदिर बनने लगेगा। लेकिन अभी तक मंदिर के संचालन से जुड़ा ट्रस्ट नहीं बन पाया है। जिसको लेकर अयोध्या के संतों में तरह-तरह की चर्चा हो रही है। सूत्रों की मानें तो अयोध्या में बनने जा रहे श्री राम मंदिर के निर्माण के लिए केन्द्र सरकार इसी महीने श्रीराम मंदिर ट्रस्ट का ऐलान कर सकती है। अयोध्या स्थित श्री मणिराम दास छावनी के प्रमुख और श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंथ श्री नृत्यगोपाल दास ट्रस्ट के अध्यक्ष हो सकते होंगे। ट्रस्ट में कुल सात लोग होंगे, ट्रस्ट में अध्यक्ष के अलावा एक कार्यकारी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और तीन सदस्य होंगे। कार्यकारी अध्यक्ष का दायित्व भारतीय प्रशासनिक सेवा के किसी वरिष्ठ अधिकारी को और उपाध्यक्ष पद का दायित्व उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा के किसी वरिष्ठ अधिकारी को सौंपा जा सकता है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत की इच्छा के अनुरूप ट्रस्ट में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के किसी पदाधिकारी को जगह नहीं दी जा रही है। लेकिन सचिव पद का दायित्व विश्व हिन्दू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी चम्पतराय को दिया जा सकता है। 500 वर्षों से प्रतीक्षारत भारतीयों को सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर 2019 को फैसला सुनाया कि श्रीरामजन्मभूमि स्थान पर भव्य राममंदिर बनाया जाये। उसके बाद राम मंदिर ट्रस्ट बनने से पहले ही श्री राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उन्हें "जेड प्लस" श्रेणी की सुरक्षा प्रदान कर दी गयी। जिसके बाद यह कयास लगाया जाने लगा कि उन्हें राममंदिर ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाया जा सकता है। इससे पहले राम जन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष के नाते महंत नृत्यगोपाल दास को वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी। बताते हैं कि विश्व हिंदू परिषद ने महंत नृत्यगोपाल दास को महत्वपूर्ण स्थान पर बैठने के पहले गृह मंत्रालय से उनकी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बार-बार उनसे परामर्श करने और अयोध्या जाकर उनसे मिलने के बाद वह ट्रस्ट के संभावित अध्यक्ष के रूप में चर्चा में हैं।