लोकतंत्र हमारे देश की आत्मा है- ओम बिड़ला

 


मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि लोकतंत्र हमारे देश की आत्मा है।लोकतंत्र के विस्वास में आज भी भारत पूरे विश्व का नेतृत्व करता है। आजाद भारत मे हर वर्ष मतदान प्रतिशत बढ़ा है। लगातार मतदान बढ़ना यह विस्वास दिलाता है कि यहां की जनता का लोकतंत्र में विश्वास बढ़ा है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि हम जनता के विश्वास पर खरा उतरें। हमारे देश मे राजनैतिक बहुलवाद भी है, भारत मे इसी लिए हमारी  संसदीय परम्परा जीवित और सक्रिय है।सप्तम राष्ट्रमंडल संसदीय संघ भारत क्षेत्र के सम्मेलन के उद्घाटन में उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में यूपी की भूमिका अग्रणी रही थी और स्वतंत्रता के बाद भी देश के लोकतांत्रिक व्यवस्था में भी यूपी की भूमिका अग्रणी है। यूपी ने देश को 9 प्रधानमंत्री दिया है। उन्होंने कहा कि जब मोदी जी प्रधानमंत्री बने और प्रवेश से पूर्व संसद की चौखट पर माथा टेक कर प्रणाम किया। लोकतंत्र भारत की सहज प्रकृति है, प्रवृत्ति है। विचारों में अनेकता है, होना चाहिए लेकिन हम सब का लक्ष्य एक है। हम लोगों को अपनी संसदीय प्रणाली को बेहतर बनाने के लिये बार-बार विचार करना चाहिये। ब्रिटिश संसदीय मॉडल हमने अपनाया है, उसमें व्यवधान कम होते हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि भारत ने सदैव एक समावेशी लोकतंत्र की नींव रखी है। हमने कभी किसी को भगाया नहीं। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण का वह अंश उद्धरित किया जिसमें स्वामी जी ने कहा था कि "मैं उस देश धर्म से हूं जो दुनिया को सहिष्णुता और सार्वभौमिक स्वीकृति का पाठ पढ़ाया है। हम सिर्फ सार्वभौमिक सहिष्णुता पर ही विश्वास नहीं करते बल्कि सभी धर्मों को सच के रूप में स्वीकार करते हैं। मुझे गर्व है कि मैं एक ऐसे देश से हूं, जिसने इस धरती के सभी देशों और धर्मों के परेशान और सताये गये लोगों को शरण दी है। मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि हमने अपने हृदय में उन इजरायलियों की पवित्र स्मृतियां संजोकर रखी है, जिनके धर्म स्थलों को रोमन हमलावरों ने तोड़-तोड़ कर खंडहर बना दिया। था और तब उन्होंने दक्षिण भारत में शरण ली थी। मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने कहा कि यूपी जहां से संसदीय परम्पराओं की शुरुआत हुई। आज सारे देश मे यूपी विकास के दौड़ में सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि सदन में किसी के अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए। विपक्ष को जो बोलना है बोले लेकिन लक्ष्मण रेखा पार न करे। यहां की संसदीय परम्परायें बहुत ऊंचाई पर जा रही है। यहां की संसदीय परंपरा से जुड़े लोग जो आचरण किये वह आज भी उदाहरण है। यूपी देश के राजनीति का शीर्ष स्थल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सीपीए ने लोकतंत्र को सुसाध्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। भारतीय लोकतंत्र की भावना राष्ट्रमंडल की भावना के अनुरूप है। भारत राष्ट्रमंडल की सराहना करता है। हमारे संविधान निर्माताओं ने लोकतंत्र की जिम्मेदारी बचाये रखने की जिम्मेदारी सौंपी है इसलिए हमे अपनी भूमिका निभानी होगी। एकता और अखंडता की हमआज भी रक्षा कर रहे है। उन्हीने कहा कि इस सम्मेलन से ठोस निष्कर्ष निकलेंगे जिनसे लोकतंत्र और मजबूत होगा। सरकार तभी काम कर सकती है जब सदन  बाधित न हो इससे जनता की भावनाएं भी आहत होती हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यमाथ ने कहा कि सरकार अपनी नीतियों से समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ देना चाहती है।