गौशाला बनवाने का सरकार का वादा नितान्त खोखला निकला - आराधना


लखनऊ।उत्तर प्रदेश विधान मण्डल कांग्रेस दल की नेता आराधना मिश्रा ' मोना ' ने बुधवार को विधान सभा में कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार जबसे सत्ता में आयी है तबसे लगातार किसानों को आवारा पशुओं से निजात दिलाने का वादा कर रही है , पर वह वादा झूठा साबित हो रहा है । आज स्थित यह है कि उ0प्र0 के हर गांव में 250 से 500 की संख्या में छुट्टा जानवर विचरण कर रहे है । सरकार इन छुट्टा जानवरों के विषय में बताने में असमर्थ है कि इसमें कितने पशु गौशालाओं में है तथा कितने छुट्टा घूम रहे हैं । यह जानवर किसानों की खून पसीने की मेहनत से तैयार फसलों को नष्ट कर रहे हैं और दूसरी तरफ पशुओं की रखवाली करने में उन किसानों की जाने जा रही हैं , अगर ये पशु एक खेत से खदेड़े जाते हैं तो यह पड़ोस के गांव के खेतों में पहुंचकर वहां के फसलों को नष्ट करते हैं । सरकार यह भी बताने की स्थिति में नहीं दिख रही है कि अबतक फसलों की सुरक्षा करते हुए कितने किसानों की जान छुट्टा जानवरों ने ली है और उन मृतकों के परिजनों को सरकार ने क्या सहायता दी है । गौशाला बनवाने का सरकार का वादा नितान्त खोखला निकला । हजारों एकड़ भूमि गौशाला के नाम पर भाजपा नेताओं ने अपने कब्जे में कर ली । उन्होनें कहा कि आज किसान अपनी जीवन रक्षा हेतु झुण्ड के झुण्ड इस पशुओं को सरकारी परिसरों तहसील , ब्लाक और गांव के सरकारी स्कूलों में खदेड़कर बन्द कर रहे हैं ताकि सरकार किसी प्रकार उन्हें गौवंश से निजात दिलाये , परन्तु सरकार कुम्भकरणी नींद सोई हुई है । उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने गौवंश की हत्या पर प्रतिबन्ध तो लगा दिया है , परन्तु उनके रखे जाने की कोई व्यवस्था नहीं की । उस कारण खेती को इन छुट्टा जानवरों ने चौपट कर दिया । रात - रात भर शीतलहरी में अपने मचानों पर बैठकर किसानों को चौकीदारी करने में जो कष्ट हो रहा है उससे उनमें भारी रोष व्याप्त है । उन्होंने सरकार से मांग की , कि जो सरकार ने 248 करोड़ का बजट जो गोवंश की रक्षा के लिए निर्धारित किया है , वह कहाँ गया ? दूसरी तरफ गोवंश आयोग के अध्यक्ष श्यामन देव सिंह कहते हैं कि गोशाला की अव्यवस्था का कारण बजट की कमी है । उन्होंने सरकार से यह भी मांग की , कि गोवंश के लिए आरक्षित बजट की न्यायिक जॉच करायी जाय और किसानों को जो फसलों का नुकसान न हुआ है , उसका मुआवजा दिया जाय ।