लखनऊ मेट्रो से भी तेज हो रहा है कानपुर मेट्रो परियोजना कार्य

  • आईआईटी, कानपुर के नज़दीक रखा गया प्रयॉरिटी कॉरिडोर का पहला पियर कैप

  • प्रबंध निदेशक बोले, साढ़े तीन महीने में यह उपलब्धि असाधारण



लखनऊ। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने प्रदेश की औद्योगिक राजधानी कहे जाने वाले कानपुर शहर में मेट्रो परियोजना का क्रियान्वयन कर रहा है। कानपुर मेट्रो परियोजना के प्रयॉरिटी कॉरिडोर के सिविल निर्माण कार्य की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विगत 15 नवंबर, 2019 को की थी। आईआईटी, कानपुर से मोतीझील के बीच तैयार हो रहे कानपुर मेट्रो के लगभग 9 किमी. लंबे  प्राथमिक सेक्शन (प्रयॉरिटी कॉरिडोर) का सिविल निर्माण कार्य लखनऊ मेट्रो परियोजना से भी तीव्र गति से किया जा रहा है। 2 मार्च, 2020 (सोमवार) को प्रातः 6.30 बजे आईआईटी, कानपुर से राष्ट्रीय शर्करा संस्थान के बीच पियर या पिलर नंबर 19 पर इस सेक्शन का पहला पियर कैप रखा गया। यूपीएमआरसी ने लखनऊ मेट्रो परियोजना के अपेक्षा कानपुर मेट्रो में यह उपलब्धि करीब 3 महीने पहले ही हासिल कर ली है, जो अपने आप में असाधारण कीर्तिमान है। यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने सर्वप्रथम विधिवत पूजा-अर्चना की और इसके बाद पियर कैप को क्रेन की सहायता से निर्धारित पियर पर रखा गया।
उपलब्धि के इन क्षणों में यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने अपनी ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए कहा, "यूपीएमआरसी की टीम कानपुर मेट्रो परियोजना को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और यूपीएमआरसी का पूरा प्रयास है कि शहर को जल्द से जल्द एक विश्वस्तरीय मेट्रो सिस्टम का तोहफ़ा दिया जाए।"


क्या होता है पियर कैप?
यू-गर्डर को पियर या पिलर के ऊपर रखने के लिए एक आधार दिया जाता है, जिसे पियर कैप कहा जाता है। यू-गर्डर मेट्रो के संरचनागत ढांचे की वह इकाई होती है, जिसपर मेट्रो ट्रैक बिछाया जाता है एवं यू-गर्डर और पिलर के बीच में जो हिस्सा होता है, उसे पियर कैप कहा जाता है। पियर कैप की ऊंचाई- 2 मीटर, लंबाई- 9.3 मीटर और चौड़ाई- 2.8 मीटर होती है। इस पियर कैप का वज़न लगभग 70 टन होता है। 


उत्तर प्रदेश मेट्रो को राज्यपाल ने किया सम्मनित
गौरतलब है कि निर्माण कार्य के शुभारंभ के बाद से ही कानपुर मेट्रो परियोजना के सिविल निर्माण कार्य की गति चर्चा का विषय बनी हुई है. लगभग साढ़े तीन माह के समय में ही कानपुर मेट्रो परियोजना के प्रयॉरिटी कॉरिडोर के अंतर्गत 600 से ज़्यादा पाइल्स की ख़ुदाई का काम पूरा हो चुका है और 42 पियर तैयार किए जा चुके हैं। इसके साथ-साथ समानान्तर रूप से कास्टिंग यार्ड में यू-गर्डर और पियर कैप की कास्टिंग का काम भी तेज़ी के साथ चल रहा है तथा 24 यू-गर्डर एवं 10 पियर कैप की कास्टिंग का काम भी पूरा किया जुका है।