विकास, विश्वास और सुव्यवस्था का रहा कार्यकाल - मुख्यमंत्री

  • कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने अपनी थर्मल स्कैनिंग करायी 



लखनऊ:
वर्तमान राज्य सरकार ने अपने 03 वर्ष के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश का पर्सेप्शन बदलने में सफलता प्राप्त की है। राज्य सरकार का कार्यकाल विकास, विश्वास और सुव्यवस्था का रहा है। इस सफलता का आधार नरेन्द्र मोदी का यशस्वी नेतृत्व, मार्गदर्शन और प्रेरणा रही, जिसके बल पर देश के सबसे बड़े राज्य की लुढकी हुई कानून-व्यवस्था को बहाल करने, पटरी से उतरे विकास कार्याें को द्रुतगति से आगे बढ़ाने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों और आदर्शाें पर आमजन के मूल्यों को बहाल कर सुशासन की ओर अग्रसर किया गया। मुख्यमंत्री आज यहां लोकभवन में राज्य सरकार के 03 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित प्रेसवार्ता ‘वर्ष तीन, काम बेहतरीन’ को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के 03 वर्ष पूर्ण होने पर सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तिका ‘सुशासन के 3 वर्ष-नये भारत का नया उत्तर प्रदेश’ का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी 403 विधान सभाओं के लिए पुस्तिका का प्रकाशन किया गया है। प्रत्येक पुस्तिका में केन्द्र व राज्य सरकार की उपलब्धियों के साथ सम्बन्धित जनपद और विधान सभा में सम्पन्न कराये गये कार्याें का विवरण दिया गया है। जनपदों के प्रभारी मंत्रीगण 19 मार्च, 2020 से विभिन्न जनपदों में पुस्तिकाओं का विमोचन करेंगे। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने अपनी थर्मल स्कैनिंग भी करायी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार ने नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित अन्य केन्द्रीय मंत्रियों तथा जनप्रतिनिधियों के सहयोग से राज्य सरकार के समक्ष उपस्थित चुनौतियों को अवसर में बदलने में सफलता प्राप्त करने के साथ ही, उत्तर प्रदेश ने देश के सामने एक नया प्रतिमान स्थापित किया।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने जिस भी कार्यक्रम को प्रारम्भ किया, उसे विशिष्ट बनाया। प्रयागराज कुम्भ-2019 का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह आयोजन देश व दुनिया के सामने एक यूनिक इवेंट के रूप में सामने आया। कुम्भ में 24 करोड़ 56 लाख श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग किया। प्रयागराज कुम्भ-2019 में सुरक्षा, स्वच्छता एवं सुव्यवस्था का मानक स्थापित किया। वाराणसी में आयोजित 15वें प्रवासी भारतीय दिवस ने भी एक नया मानक बनाया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय राजधानी अथवा किसी प्रदेश की राजधानी के बाहर पहली बार आयोजित किया गया। 01 लाख 63 हजार बूथों पर लोकसभा का आमचुनाव सकुशल सम्पन्न हुआ।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि इसके अलावा भी कार्यक्रमों की एक लम्बी श्रृंखला है। 68 वर्ष के बाद पहली बार राज्य का स्थापना दिवस आयोजित किया गया। परम्परागत उद्यम को प्रोत्साहित करने के लिए ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना संचालित की गयी। यू0पी0 इन्वेस्टर्स समिट-2018 के माध्यम से निवेश व रोजगार को आगे बढ़ाने, इण्टर स्टेट कनेक्टिविटी बढ़ाने, जिला व तहसील सम्पर्क मार्गाें को 04-लेन बनाने, एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में कार्य किया गया।
वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल प्रारम्भ के समय राज्य में 02-03 हवाई अड्डे फंक्शनल थे। वर्तमान में 07 हवाई अड्डे कार्यशील हैं एवं 11 के निर्माण की कार्यवाही प्रगति पर है। जेवर में स्थापित किये जा रहे नोएडा अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की परियोजना विश्व की 100 सर्वश्रेष्ठ परियोजनाओं में शामिल है। यह प्रदेश के पर्सेप्शन में बदलाव का उदाहरण है। वर्तमान राज्य सरकार ने जनता का विश्वास बहाल किया है व प्रदेश को विकास के नये दौर में ले गयी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का कार्य युद्धस्तर पर पूरा किया जा रहा है। वर्ष के अन्त तक इस एक्सप्रेस-वे को प्रारम्भ किया जाएगा। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे का कार्य भी तीव्र गति से प्रारम्भ किया गया है। अगले वर्ष के अन्त तक इसे भी जनता के लिए खोल दिया जाएगा। मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण भी किया जाना है। यह तीनों एक्सप्रेस-वे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाई प्रदान करेंगे। वर्तमान में प्रदेश के 04 शहरों में मेट्रो की सुविधा है। कानपुर और आगरा में मेट्रो का कार्य प्रारम्भ हो चुका है। कई अन्य शहरों में भी मेट्रो रेल की स्थापना हेतु कार्यवाही प्रगति पर है। इसके अलावा, दिल्ली से मेरठ रैपिड रेल के निर्माण की कार्यवाही चल रही है। आधारभूत संरचना की विकास की दिशा में यह परियोजनाएं प्रतिमान हैं।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि राज्य सरकार सभी जनपदों में बिना भेदभाव के विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है। सौभाग्य योजना में 01 करोड़ 24 लाख निःशुल्क विद्युत कनेक्शन दिये गये हैं। 01 लाख 67 हजार मजरों का विद्युतीकरण करने के साथ ही विद्युत आपूर्ति की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किया गया है। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना में गरीबों को आवास सुलभ कराया गया है। 02 करोड़ 61 लाख व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण के साथ नारी गरिमा की रक्षा तथा स्वच्छता और स्वास्थ्य की दिशा में कार्य किया गया है।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि राज्य सरकार ने आम जन को बुनियादी सुविधाओं के आच्छादन के साथ ही आयुष्मान भारत योजना के तहत 05 लाख रुपये तक का चिकित्सा कवर सुलभ कराया है। इस योजना से वंचित पात्र लोगों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत भी लाभ दिया जा रहा है। हर जनपद में एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस पहुंचायी गयी है। प्रदेश में मेडिकल काॅलेजों की श्रृंखला शुरू की गयी है। वर्ष 2016 तक राज्य में 12 मेडिकल काॅलेज थे। विगत 03 वर्षाें में 29 मेडिकल काॅलेज बन रहे हैं। इनमें से 07 में विद्यार्थियों का प्रवेश प्रारम्भ हो गया है। 08 मेडिकल काॅलेजों में शीघ्र ही प्रवेश प्रारम्भ होगा। 14 अन्य मेडिकल काॅलेजों की स्थापना की कार्यवाही संचालित है। गोरखपुर एवं रायबरेली एम्स में ओ0पी0डी0 प्रारम्भ हो गयी है। इसके अलावा सी0एच0सी0 एवं पी0एच0सी0 को सुदृढ़ किया गया है। मेडिकल कारपोरेशन के माध्यम से सस्ती दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में संचारी रोग नियंत्रण में महत्वपूर्ण कार्य हुआ है। गोरखपुर में प्रतिवर्ष इंसेफेलाइटिस से बारह से पन्द्रह सौ मौतें होती थीं। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से इंसेफेलाइटिस के मामलों में 70 से 75 प्रतिशत की कमी तथा इससे होने वाली मृत्यु में 90 से 95 प्रतिशत की कमी आयी है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में कोरोना वायरस से बचाव व उपचार के जो प्रयास शुरू हुए हैं, प्रदेश सरकार द्वारा उनका अनुसरण किया गया है। कोरोना वायरस से बचाव व उपचार के लिए समुचित कदम उठाये जा रहे हैं। इसके प्रति जागरूकता का प्रसार भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना के माध्यम से प्रदेश के निर्यात में काफी वृद्धि हुई है। राज्य निर्यात के एक हब के रूप में विकसित हुआ है। ‘एक जनपद, उत्पाद’ योजना को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त हुई है। केन्द्रीय बजट में राज्यों से इसे पूरे देश में लागू करने का आह्वान किया गया है। उत्तर प्रदेश को हर क्षेत्र में सफलता मिली है। प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, आयुष्मान भारत, सौभाग्य योजना, उज्ज्वला योजना, मुद्रा योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना आदि में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है। प्रदेश सरकार की यह सफलता टीम वर्क से सम्भव हुई है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार ने फसल ऋण मोचन के साथ किसानों के कल्याण के लिए प्रयास शुरू किये थे। वर्तमान में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के रूप में लगभग 12 हजार करोड़ रुपये की धनराशि किसानों के खातों में भेजी गयी है। सिंचाई की बाण सागर, सरयू नहर आदि जैसी लम्बित डेढ़ दर्जन से अधिक योजनाओं को पूर्ण कर लिया गया है अथवा शीघ्र ही पूर्ण कर लिया जाएगा, जिससे सिंचन क्षमता में व्यापक रूप से बढ़ोत्तरी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रोक्योरमेंट पाॅलिसी लागू कर किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य के आधार पर लाखों टन उपज की खरीद की गयी है। साथ ही, भण्डारण क्षमता भी विकसित की गयी है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीबों को राशन सुलभ कराया जा रहा है। 80 हजार से अधिक दुकानों में ई-पाॅस मशीनें लगायी गयी हैं। इससे किसी भी कोटेदार से राशन प्राप्त किया जा सकता है। अन्त्योदय श्रेणी के कार्ड धारकों तक सरकारी कर्मी द्वारा राशन पहुंचाने की व्यवस्था भी है। इसके तहत, 14 करोड़ यूनिट खाद्यान्न का वितरण किया गया है।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि राज्य सरकार के सत्ता में आने पर गन्ना किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान बकाया था। विगत तीन वर्षाें में गन्ना किसानों को 92,442 करोड़ रुपये के गन्ना मूल्य का भुगतान कराया है। पिछली सरकारों में 10 वर्षाें के दौरान 29 चीनी मिलें बन्द हुईं। इन्हें बेचने का कार्य हुआ। हमारी सरकार ने एक भी चीनी मिल बन्द नहीं होने दी। वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल के प्रारम्भ में 116 चीनी मिलें संचालित थीं। इस समय 121 चीनी मिलें संचालित हैं। नई चीनी मिलें भी स्थापित की गयीं। पिपराइच, मुण्डेरवा, रमाला, मोइयुद्दीनपुर मेरठ का क्षमता विस्तार किया गया। भारत सरकार से चीनी की आवश्यकता न होने पर गन्ने से एथेनाॅल बनाने की अनुमति प्राप्त की गयी है। राज्य गन्ना व चीनी उत्पादन में अग्रणी है। एथेनाॅल बनाने में भी राज्य अग्रणी भूमिका में है। इससे किसानों की आय बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने सत्ता में आने पर अवैध बूचड़खानों को बन्द करने एवं एण्टी रोमियो स्क्वाड के गठन के साथ कार्य प्रारम्भ किया था। इससे प्रदेश के पर्सेप्शन में बदलाव आया। राज्य सरकार ने ‘परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्’ की  भावना के साथ कार्य किया। इसके परिणामस्वरूप विगत 03 वर्षाें में एक भी दंगा नहीं हुआ। डकैती में 60 प्रतिशत, लूट में 47 प्रतिशत, हत्या में 21 प्रतिशत, बलवा में 27 प्रतिशत, रोड होल्डअप में 100 प्रतिशत, फिरौती में 37.74 प्रतिशत और बलात्कार में 18 प्रतिशत की कमी आयी है। महिलाओं को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के लिए 218 फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया है। इनमें से 74 पाॅक्सो से सम्बन्धित हैं। राज्य सरकार पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कार्य कर रही है। 01 लाख 37 हजार पुलिसकर्मियों की पूरी पारदर्शिता के साथ भर्ती की गयी है। पुलिस को बुनियादी सुविधाओं के लिए पुलिस लाइन, थाना भवन, कार्मिकों के लिए आवासीय सुविधा की व्यवस्था की गयी। लखनऊ में फाॅरेन्सिक विश्वविद्यालय तथा प्रत्येक रेंज में एक-एक फाॅरेन्सिक लैब व साइबर थाने की स्थापना की जा रही है। कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में राज्य सरकार के निरन्तर प्रयासों से प्रदेश के पर्सेप्शन में बदलाव आया है। राज्य में निवेश बढ़ा है और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए हैं। पारम्परिक निवेश, ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान आदि योजना की मदद से प्रदेश के 33 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। राज्य सरकार ने 03 लाख से अधिक युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ राजकीय सेवाओं में नियोजित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि  शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा विगत तीन वर्ष में उल्लेखनीय कार्य किया गया है। बेसिक शिक्षा परिषद में विद्यार्थियों की संख्या में 50 लाख की वृद्धि हुई है। 92 हजार विद्यालयों में कायाकल्प योजना के माध्यम से बुनियादी सुविधाओं का विकास किया गया है। एक करोड़ 80 लाख बच्चों को निःशुल्क दो यूनीफाॅर्म, पाठ्य-पुस्तकें, स्कूल बैग, जूता-मोजा, स्वेटर आदि दिया जा रहा है। विगत तीन वर्षाें में माध्यमिक शिक्षा में व्यापक बदलाव हुआ है। 193 नये इण्टर काॅलेज खोले गये हैं। नकलविहीन परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया गया है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में वर्ष 2017 तक राज्य में 27 निजी विश्वविद्यालय संचालित थे। राज्य सरकार ने निजी विश्वविद्यालय अधिनियम प्रख्यापित किया है। इसके तहत, 28 निजी विश्वविद्यालयों के स्थापना की अनुमति दी गयी है। राज्य में 08 राज्य विश्वविद्यालय के निर्माण की कार्यवाही की जा रही है। सहारनपुर, आजमगढ़ और अलीगढ़ में राज्य विश्वविद्यालय के अलावा एक आयुष विश्वविद्यालय, श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की स्मृति में चिकित्सा विश्वविद्यालय, एक पुलिस एवं फाॅरेन्सिक विश्वविद्यालय, एक विधि विश्वविद्यालय तथा एक स्पोट्र्स विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राविधिक, व्यावसायिक एवं कौशल विकास शिक्षा से जुड़े केन्द्रों को विभिन्न उद्यमों से जोड़ने के लिए बजट व्यवस्था की गयी है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना लागू की है। इसके तहत युवाओं को उद्योगों में प्रशिक्षण के साथ-साथ 2500 रुपये का मासिक प्रशिक्षण भत्ता प्रदान किया जाएगा। पहले वर्ष में एक लाख युवाओं को यह सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। इसके अलावा, युवाओं को रोजगार अथवा स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक स्वावलम्बन के लिए ‘युवा हब’ की स्थापना के लिए 1200 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत गरीब परिवारों की एक लाख कन्याओं का विवाह सम्पन्न कराया गया है। साथ ही, प्रत्येक लाभार्थी को 51,000 रुपये की आर्थिक सहायता भी सुलभ करायी गयी है। प्रधानमंत्री  द्वारा संचालित ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना लागू की गयी है। इस योजना के तहत कन्या के जन्म से उसके डिग्री अथवा डिप्लोमा के लिए प्रवेश तक विभिन्न चरणों पर 15,000 रुपये की धनराशि प्रदान की जाती है। इस योजना के तहत अब तक 03 लाख 60 हजार बालिकाओं को आच्छादित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने हर क्षेत्र में कुछ न कुछ नया कार्य किया है। प्रदेश में पर्यटन की सम्भावनाओं को मूर्तरूप देने के लिए कार्य किया गया है। डिफेंस एक्सपो, युवा उत्सव, अयोध्या में दीपोत्सव, मथुरा में कृष्णोत्सव, रंगोत्सव, काशी में देव दीपावली के आयोजन तथा पर्यटन स्थलों यथा शुक्र तीर्थ, नैमिष, विंध्याचल, चित्रकूट, शक्तिपीठों के विकास से पर्यटकों को आकर्षित करने में सफलता मिली है। उत्तराखण्ड बनने के बाद राज्य का फारेस्ट कवर बढ़ा है। विगत तीन वर्षाें में 45 करोड़ से अधिक प्लाण्टेशन कराया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लखनऊ में डिफेंस एक्सपो-2020 का सफल आयोजन कराया गया। इसमें डिफेंस काॅरिडोर के अन्तर्गत चिन्हित 06 नोड्स के लिए 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि डिफेंस काॅरिडोर में चिन्हित 06 नोड्स में से कई नोड्स में निवेश के लिए निवेशकों ने पहले से ही भूमि ले ली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग ने पूरे देश में 115 आकांक्षात्मक जनपद चिन्हित किये हैं। इनमें 08 उत्तर प्रदेश में हैं। उत्तर प्रदेश के इन जनपदों की देश में अच्छी रैंकिंग है। आजादी के बाद से उपेक्षित लोगों यथा मुसहर, वनटांगिया, थारू व कोल जनजातियों तथा कुष्ठ रोग से पीड़ितों के लिए राज्य सरकार ने अभिनव योजनाएं प्रारम्भ की हैं। इन उपेक्षित वर्गाें को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिया गया है। योजना से आच्छादित न होने वाले लोगों को मुख्यमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत आवास प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत तीन वर्ष में वृद्धावस्था पेंशन के अन्तर्गत 11 लाख नये लाभार्थियों को पेंशन प्रदान की गयी है। इसी प्रकार, निराश्रित महिला पेंशन की 05 लाख नयी लाभार्थियों एवं दिव्यांगजन पेंशन योजना के 1.5 नये लाभार्थियों को पेंशन उपलब्ध करायी गयी है। वृद्धावस्था पेंशन धनराशि को 400 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये तथा दिव्यांगजन पेंशन को 300 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिमाह किया गया है। पेंशन की धनराशि डी0बी0टी0 के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजी जा रही है। विगत तीन वर्षाें में प्रदेश में मातृ मृत्यु दर में 30 प्रतिशत की कमी आयी है। प्रधानमंत्री मातृ वन्दन योजना के तहत 24 लाख से अधिक लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है। राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक समुदाय के 57 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। पहली बार श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए योजना प्रारम्भ की गयी है। इसके अन्तर्गत सभी 18 मण्डलों में अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किये जा रही हैं। इन विद्यालयों में श्रमिकों के बच्चों को नवोदय विद्यालयों की तर्ज पर शिक्षा प्रदान की जाएगी। इन विद्यालयों में निराश्रित अनाथ बच्चों को भी शिक्षा दी जाएगी। इन बच्चों को उनकी रुचि के क्षेत्रों में शिक्षित और प्रशिक्षित किया जाएगा। निराश्रित पशुओं के लिए सभी जनपदों में दो-दो वृहद गोवंश आश्रय केन्द्र स्थापित किये जा रहे हैं। सभी नगर निकायों में भी गोवंश आश्रय केन्द्रों की स्थापना की जा रही है। गोवंश आश्रय केन्द्रों में 4.5 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है। 50 हजार से अधिक निराश्रित गोवंश, किसानों को संरक्षण हेतु प्रदान किये गये हैं। इसके लिए किसानों को 900 रुपये प्रतिमाह प्रति गोवंश की धनराशि प्रदान की जा रही है। प्रधानमंत्री द्वारा मथुरा में 11 सितम्बर, 2019 को खुरपका व मुंहपका के विरुद्ध अभियान शुरू किया गया था। प्रत्येक विकास खण्ड में इस अभियान का संचालन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन वर्ष पहले प्रदेश में 653 नगर निकाय थे। वर्तमान में इनकी संख्या 707 है। राज्य सरकार नगरीय क्षेत्रों में सुविधाओं के विकास के लिए कार्य कर रही है। देश में 100 शहर स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किये जाने के लिए चयनित किये गये थे। इनमें से 10 स्मार्ट सिटी उत्तर प्रदेश में हैं। पूर्व में, देश में प्रदेश के स्मार्ट सिटी की रैंकिंग काफी नीचे थी। वर्तमान में प्रदेश के 04 स्मार्ट सिटी प्रथम दस स्थानों में हैं। इनमें से आगरा प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 07 नगर निगमों को अपने संसाधनों से स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए कार्य कर रही है। बुन्देलखण्ड, विंध्य क्षेत्र तथा खारे पानी, आर्सेनिक, फ्लोराइड से प्रभावित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ‘हर घर नल योजना’ संचालित की जा रही है। इसके लिए 15,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है। राज्य सरकार द्वारा कोरोना से पीड़ित व्यक्तियों के निःशुल्क उपचार की व्यवस्था की गयी है। वित्त मंत्री की अध्यक्षता में दिहाड़ी मजदूरों के भरण-पोषण की व्यवस्था के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है।
अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि राज्य सरकार के 03 साल पूर्ण होने पर सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा विधानसभावार पुस्तिका का प्रकाशन किया गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए कार्यक्रम में पधारे अतिथियों की थर्मल स्कैनिंग की गयी है एवं सैनिटाइज़र भी दिया गया है। कार्यक्रम के प्रारम्भ में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा राज्य सरकार की उपलब्धियों पर तैयार की गयी फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डाॅ0 दिनेश शर्मा, वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, विधान परिषद सदस्य स्वतंत्र देव सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण व मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी, पुलिस महानिदेशक हितेश सी0 अवस्थी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस0पी0 गोयल, सूचना निदेशक शिशिर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।