फाइनल वार "पहले मंदिर फिर सरकार" राममंदिर आंदोलन में शिवसेना की अहम भूमिका है!
 

लखनऊ।

राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद इस आंदोलन से जुड़े लोग खुद को गर्वान्वित महसूस कर रहे हैं। 30 अक्‍टूबर एवं 2 नवंबर 1990 की जिस घटना के बाद राम मंदिर आंदोलन ने पूरे देश रफ्तार पकड़ा, उसमें शिवसेना की भी अहम भूमिका रही। इसी का परिणाम रहा कि 1991 में तत्‍कालीन फैजाबाद एवं वर्तमान में अंबेडकरनगर की जलालपुर सीट से शिवसेना के प्रत्‍याशी एवं प्रदेश प्रमुख पवन पांडेय को विधायक निर्वाचित हुए थे। 6 दिसंबर 1992 को जब विवादित ढांचा ध्वस्त हुआ तब पूरे देश में सन्नाटा पसर गया था। कोई इस घटना की जिम्‍मेदारी लेने को तैयार नहीं था। केंद्र में बैठी पीवी नरसिंहराव के नेतृत्‍व वाली कांग्रेस सरकार ने भाजपा की यूपी समेत चार राज्यों की सरकारों को बर्खास्त करते हुए राष्ट्रपति शासन लगा दिया था। जिसमें उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह, मध्य प्रदेश में सुंदर लाल पटवा, हिमाचल प्रदेश में शांता कुमार और गुजरात में शंकर सिंह बघेला की सरकार रातों-रात अपदस्त हो गयी थी। देश में कोई यह कहने का साहस नहीं कर पा रहा था कि विवादित ढांचा कैसे टूटा और किसने तोड़ा। चारों ओर एक लंबी और दहशत भरी चुप्पी छाई थी। ऐसा लग रहा था कि शर्मसार होने की प्रतिस्पर्धा प्रारंभ हो गई है। ऐसे में शिवसेना प्रमुख पूज्य बाला साहेब ठाकरे आगे आये। बाला साहब ने यह कह कर हिंदूवादी मतावलंबियों को शक्ति दी थी कि विवादित ढांचा हमारे शिवसैनिकों ने ढहाया है। हमें गर्व है कि हमारे बहादुर शिवसैनिकों ने कलंकित ढांचा मिटा दिया। इस ढांचा विध्‍वंस की जिम्‍मेदारी मैं लेता हूं। उनके जिम्मेदारी लेने के बाद बहुत सारे योद्धाओं को मुक्ति मिली। लोकसभा चुनाव के ठीक पहले शिवसेना ने "पहले मंदिर फिर सरकार" का नारा देकर इस मुद्दे पर राजनीति करने वाले दलों और नेताओं की नींद हराम कर दी। शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरेजी पार्टी प्रवक्ता संजय राउत की कुशल रणनीति से दो बार अयोध्या आये और रामलला का दर्शन किया। रामलला का दर्शन कर शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने हिन्दू समाज को आश्‍वासन दिया कि श्रीराजन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण कराने के बाद ही शिव सेना बैठेगी। चुनाव के पूर्व शिवसेना पक्ष प्रमुख अपने सभी सांसदों के साथ रामलला का दर्शन करने आये थे। इसका परिणाम रहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे की लगातार 40 दिन सुनवायी करते हुए 9 नवंबर को राममंदिर का फैसला सुना कर इस तिथि को अमर कर दिया।

 

मंदिर निर्माण में जुटे शिव सेना : सत्‍येंद्रदास


चित्र परिचय-श्रीराजन्मभूमि पर विराजमान भगवान रामलला के मुख्य पुजारी सतेंद्रदास जी

रामलला मंदिर के मुख्‍य पुजारी सत्‍येंद्रदास जी ने कहा कि अब रामलाल को टाट से मुक्ति मिल जायेगी। अब हिदूंवादी संगठनों का दायित्‍व बनता है कि वे अयोध्‍या में भव्‍य मंदिर का निर्माण करायें। श्री दास ने कहा कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे तथा सांसद संजय राउत ने रामलाल का दर्शन कर मंदिर निर्माण का आश्‍वासन दिया था। शिवसेना नेताओं की आगमन के चलते ही सरकार पर भी दबाव था, जिसके चलते तेजी से सुनवाई हुई। अब उद्धव ठाकरे, संजय राउत और शिवसेना का दायित्‍व बनता है कि मंदिर निर्माण कराने में सहयोग करें। बाला साहब के निर्देश पर शिवसैनिकों ने ढांचा ढहाया था तो अब शिव सेना इसके निर्माण में भी जुटे। 

 

अयोध्‍या में मनेगी दीपावली : रिंकूदास



चित्र परिचय- हनुमानगढ़ी के पुजारी व संत सेना के प्रमुख नागा रिंकू दास


हनुमागढ़ी महंत नागा रिंकूदास, जो संत सेना के जिला प्रमुख भी हैं, ने कहा कि आज अयोध्‍या में दीपावली मनाई जायेगी। अयोध्‍या रामजी की जन्‍मभूमि है। रामजी ने हनुमानजी को राजा बनाया था। हुनमानजी ने अपना काम पूरा किया है। अब भगवान राम टाट से उठकर ठाठ से रहेंगे। शिव सेना नगर प्रमुख रजत पांडेय ने कहा कि वह आज से तब तक हनुमान चालीसा का पाठक करेंगे, जब तक कि मंदिर का निर्माण नहीं हो जाता। 

 


 

चित्र परिचय-शिवसेना अयोध्या महानगर के प्रमुख रजत पांडेय।