सड़क पर धरना दे रहे हैं, संसद में क्यों नहीं बोले सोनिया-राहुलः शिवराज सिंह


 भोपाल। सोनिया गांधी और राहुल गांधी सड़कों पर सीएए के विरोध में धरना दे रहे हैं, राजघाट पर प्रदर्शन कर रहे हैं, वीडियो जारी कर रहे हैं। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि ये मां-बेटे संसद में क्यों कुछ नहीं बोले, जब अमित शाह सीएए से जुड़े हर सवाल का विस्तार से जवाब दे रहे थे। ये सवाल पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  शिवराजसिंह चौहान ने सोमवार को जयपुर में आयोजित प्रबुद्धजन सम्मेलन एवं पत्रकार वार्ता के दौरान किये। उन्होंने पूछा कि ये मां-बेटे आज तक दिल्ली में मजनूं के टीले या अन्य किसी प्रवासी कालोनी में प्रताड़ित हिंदुओं से मिलने क्यों नहीं गए? इन्होंने देश में हो रही हिंसा का विरोध क्यों नहीं किया ?


मैदान में मुकाबले की दम नहीं, इसलिए फैला रहे भ्रम


                पूर्व मुख्यमंत्री  ने कहा कि देश के विपक्षी दल मैदान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मुकाबला नहीं कर पा रहे  हैं,  इसलिए देश में भ्रम का माहौल पैदा कर रहे है। उन्होंने कहा कि मोदी पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश के पीड़ित अल्पसंख्यकों के लिये भगवान बनकर आये हैं। लेकिन शायद इन विपक्षी नेताओं को मासूम शरणार्थियों की बहन-बेटियों की चीत्कार से कोई वास्ता नहीं है।


कांग्रेस के फैलाए भय और भ्रम को दूर करेगी भाजपा


चौहान ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून में नागरिकता उन पीड़ित अल्संख्यकों को दी जा रही है,  जो पड़ौसी देशों में धार्मिक रूप से प्रताड़ित किये जा रहे हैं, जिनसे रोटी-रोजगार और सुरक्षा छीन ली गई, जिनका जबरन धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है और जिनकी बेटियों का जबरन निकाह करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दल सीएए और एन.आर.सी. को लेकर भ्रम फैला रहे हैं, देश का माहौल खराब कर रहे हैं। जबकि अभी तक एन.आर.सी. लागू करने के लिए ना तो कोई एक्ट बना है, ना कोई संसद में बिल आया है।  चौहान ने कहा कि कांग्रेस ने जो भय और भ्रम का वातावरण पूरे देश में फैलाया है,  उसे दूर करने के लिए भारतीय जनता पार्टी जनजागरण अभियान चलायेगी।


जनता सरकार चलाने लायक नहीं छोड़ेगी


  चौहान ने कहा कि देश में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भय व भ्रम का माहौल पैदा कर रहे हैं। राजस्थान में मुख्यमंत्री स्वयं ''शांति मार्च'' के लिये नेट बंद, मैट्रो बंद, बस बंद व बाजार बंद करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जयपुर बंद करवाते समय गहलोत शायद यह भूल गये कि वे राज्य के मुख्यमंत्री हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ भी अशोक गहलोत के रास्ते पर हैं, वो भी रैली निकालने का आह्वान कर रहे हैं। एक संवैधानिक पद पर बैठा हुआ व्यक्ति कैसे किसी कानून का विरोध कर सकता है ?  चौहान ने कहा कि यदि विरोध करना है, तो पहले कुर्सी छोड़ो फिर विरोध करो। चौहान ने चेतावनी दी कि यदि ये मुख्यमंत्री ज्यादा तीन-तेरह करेंगे तो जनता इन्हें सरकार चलाने लायक भी नहीं छोड़ेगी।


                कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, प्रदेश महामंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील कोठारी, विधायक कालीचरण सराफ, अशोक लाहोटी सहित प्रबुद्धजन, पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।