यूपी में ठंड से मौतें 40 पार,बेबस हुई सरकार! हड़ताल पर लेखपाल
 



मनोज श्रीवास्‍तव/ लखनऊ। पहाड़ पर हुए बर्फबारी का असर यूपी बुरी तरह पड़ा है। राज्‍य में कड़ाके की ठंड से जनजीवन ठहर गया है। गलन भरी ठंड एवं कोहरे के कहर से तीन दर्जन से ज्‍यादा लोगों की मौत की खबर प्रदेश पर से आ रही है। बुधवार को तराई का जिला बहराइच डिग्री के साथ सबसे ठंडा शहर रहा। कई शहरों में न्यूनतम पारा सामान्य से 2 से डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। गुरुवार को भी प्रयागराज समेत तराई के पीलीभीत, श्रावस्‍ती में गलन से लोग परेशान रहे। सरकार की तरह से अब तक कंबल का वितरण नहीं कराया जा सकता है। ठंढ से 12वीं तक के स्कूल बंद कर दिये गये हैं, राहत आयुक्‍त रेणुका कुमार गरीबों को कंबल बांटने को लेकर कतई गंभीर नजर नहीं आ रही हैं। लेखपालों के हड़ताल से स्थिति और बदहाल हो गई है। कंबल नहीं बंटने से गरीब जन ठंड से मरने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार मुजफ्फरनगर में 3, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्‍ती तथा पीलीभीत में चार-चार लोगों की मौत ठंड से हो गई। कानुपर में दस, कानपुर देहात, औरैया, फतेहपुर में भी दो-दो लोगों की ठंड से मरने की खबर है। प्रतापगढ़, बांदा, बलियाजौनपुरवाराणसी, रामपुर में एक-एक की जान चली गई। भदोही में चार तथा प्रयागराज में तीन व्‍यक्ति की ठंड से मौत हो गई।

 


 

सड़क हादसों में भी कुछ लोगों के मारे जाने की खबर है। ठंड से मरने के बारे में पूछे जाने पर आईजी कानून व्‍यवस्‍था प्रवीण कुमार का कहना है कि किसी के ठंड से मरने की खबर नहीं है। अन्य कारणों से हुई मौतों को ठंड में न बताइये। सरकार की ओर से जिलों में निर्देश भेज दिया गया है कि किसी भी जिले में भूख और ठंढ से मौत हुई तो स्थानीय प्रशासन जिम्मेदार होगा। दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि प्रदेश की जनता ठंड से मर रही है और सरकार अभी तक न अलाव की व्यवस्था कर पायी न ही प्रमुख स्थानों पर सरकारी रैन बसेरों का प्रबंध कर पायी। भाजपा और उनकी सरकार देश को मंदिर-मस्जिद और नागरिकता के विवाद में उलझाये रखना चाहती है।गरीब ठंढ से मर रहे हैं यदि सरकार में संवेदनशीलता है तो बताये कि प्रदेश में आज की तारिख तक गरीबों में कितने कंबल बांटे गये हैं सरकार श्वेतपत्र जारी करे।