सड़कों का जाल बिछाकर प्रदेश के विकास का मार्ग प्रशस्त  किया जा  रहा है- केशव प्रसाद मौर्य


लखनऊ, :  उपमुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य के कुशल मार्गदर्शन में लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाकर विकास के मार्ग को प्रशस्त किया जा रहा है। सड़कों व पुलों के निर्माण से प्रदेश की आम जनता को आवागमन की सुविधा सुगम तो हो ही रही है, साथ ही व्यापारियों व किसानों को अपना माल, अपने उत्पादकों को बड़ी मण्डियों व बाजारों में ले जाने की सुविधा भी मिल रही है, जिससे किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल रहा है और उनकी आमदनी में इजाफा हो रहा है। 


01 करोड़ 66 लाख 58 हजार की धनराशि अवमुक्त
वर्तमान सरकार द्वारा अब तक लगभग 9355 किमी0 लम्बाई में ग्रामीण मार्गों का नवनिर्माण कार्य किया गया है और लगभग 10854 किमी0 लम्बाई में मार्गों का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य किया गया है। प्रदेश की 2 लेन से अनजुड़ी 26 तहसीलों हेतु रू0 387 करोड़ की स्वीकृतियां निर्गत कर 10 कार्य पूर्ण करा लिये गये हैं। इसी प्रकार 2 लेन से अनजुड़े प्रदेश के 149 विकासखण्ड मुख्यालयों के सापेक्ष 100 विकासखण्ड मुख्यालयों हेतु लगभग रू0 1367 करोड़ की स्वीकृतियां निर्गत कर 43 कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं।
 मौर्य ने बताया कि प्रतिभा, शिक्षा एवं विकास का समावेश करते हुये प्रदेश में पहली बार छात्र-छात्राओं को सम्मानित एवं प्रोत्साहित करने हेतु हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट के मेधावी (टाॅप 20) छात्रों के निवास स्थल व उनके स्कूलों हेतु मार्गों का निर्माण कर डा ० ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम गौरव पथ के रूप में विकसित किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017-18 में कुल 113 मेधावी छात्र-छात्राओं के निवास स्थलों तक मार्गों का निर्माण एवं मरम्मत का कार्य रू0 31 करोड़ की लागत से पूरा कराया गया है और वर्ष 2019 में 48 मेधावी छात्र-छात्राओं के ग्रामों हेतु कार्ययोजना तैयार कर मार्गों के निर्माण व मरम्मत के निर्देश दिये गये हैं।
 मौर्य ने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक 83 दीर्घ सेतु, 29 आर0ओ0बी0 एवं 155 लघु सेतुओं का कार्य पहुंच मार्ग सहित पूर्ण कर सामान्य जन को आवागमन हेतु उपलब्ध करा दिया गया है तथा इण्टरस्टेट कनेक्टीविटी (केन्द्रीय मार्ग निधि) के अन्तर्गत 54 सड़कों को रू0 1333 करोड़ की लागत से निर्मित किया जा रहा है, जिसमें 30 कार्य पूर्ण कराये जा चुकें हैं और केन्द्रीय मार्ग निधि के अन्तर्गत रू0 3035 करोड़ की लागत से 117 महत्वपूर्ण मार्गों का चैड़ीकरण किया जा रहा है, जिसमें 74 कार्य पूर्ण कराये जा चुके हैं।